उसको मैनै एक आजाद पंछी की तरह खुले आकाश में क्या छोड़ा जो कुछ बचा............simranroy (47)in #thought • 4 years ago उसको मैनै एक आजाद पंछी की तरह खुले आकाश में क्या छोड़ा जो कुछ बचा था मेरा और उसका रिश्ता उसने उसको पल भर में तोड़ा, फिर उसे भुलाने के चकर में मैंने उसका शहर तक छोड़ा मैं उसे भूलता कैसे जब उसकी यादों ने मेरा पीछा न छोड़ा।