Barsaat ki dayan

in #story8 years ago

उस दिन हवा बोहोत तेज़ हो रहा था ।बारिश कसी भी वक़्त हो सकती थी ।मैं अपने ऑफिस के काम खत्म करके घर लौट रहा था।मन ही मन यही सोच रहा था कि कैसे जल्दी जल्दी अपनी घर पहोंच जाऊ।इस लिए उस सुनसान जंगल के रास्ते में,मैं बोहोत तेज़ी से गाड़ी चला रहा था।उस रात उस जंगल की रास्ते मे कोई नही था।आखिर ये बारिश की रात को सुनसान अंधेरे जंगल।मे को जतायत करेगा।मैं ही बस अकेला था जो उस बारिश की रात को उस सुनसन सड़क के रास्ते लौट रहा था।इस तरहा कुछ देर बीत गए ।लेकिन हर वक़्त एक जैसे नही है।में जंगल ही रास्ता आधे पर कर चुका था कि अचानक मेरी बाइक की संतुलन बिगेद ने लगा।मैं बोहोत चेस्टा की लेकिन कुछ भी हो नही पारहा था।इस तरहा जाते जाते मेरी बाइक एक एक पेड़ से जा टकराया।मैं भी नीचे गिरपडा।अभी कुछ देर पहले मेरे साथ क्या हुआ था वो में समझ भी नही पारहा था।देखा आसपास कोई भी नही है मेरी मदद करने के लिए।इसलिए मैं खुद ही उस पेड़ को पकड़ कर उठने की कोसिस की मेरी सर फुट गए था।उस एक्सीडेंट मैं इसलोये बोहोत खून बहने लगा था यंहा तक कि थोड़ी थोरी चक्कर भी आने लगे थे।किसी भी तरहा में अपने आपको संभाल के उठ त लिया ।ठीक मैनी उठा ही था कि अचानक कोई बचे की रोने की आवाज़ मुझे सुनाई दी लेकिन इतनी रात को फिर इस सुनसान जंगल मे एक छोटे बच्चे की रोने की आवाज़ सुन कर में चोक गया था।क्या यह मरा बहेम है या सच में कोई बच्चा रो रहा था यह मैं समझ नही पा रहा था।मैंने देखा आसपास कोई घर त नही हैं लेकिंन आश्चर्य की बात था कि वँहा दूर दुर तक कोई घर नही था।इसलोये मैं जंगल की थोड़ी अंदर जाकर सुनने की कोसिस की हवा तेज़ी से बहे रही थी इसलिए जंगल मे हवा की आवाज़ मैं ज्यादा सिनाई त नही दे रही थी इसलोये में जंगल की अंदर की तरफ जाकर उस आवाज़ को ठीक से सुनने लगा।कोई किसी मुसीबत पे त नही है अगर कोई मुसीबत पे है तो मैं उसे जरर मद्दद करूँगा।आखिर कर मुझे पता चल गया कि आखिर सच मे कोई बचा रोह रहा है।और वो अबाज जंगल की अंदर से आरहा है।इसलिए मैंने उस रोने की आवाज़ को follow करने लगा।उस अंधेरी सुनसन जंगल मे मुझे कुछ ठीक से दिखाई त नही दे रहा था लेकिन उस रोने की आवाज़ को सुन कर मैं उसीओर ही जा रहा था।धीरे धीरे बारिश भी सुरु होने लगी थी।इस तरह कुछ दूर उस जंगल के जाने के बाद मुझे उसी अंधेरे मैं कुछ ही दूरी पर एक हल्की हल्की झलकीति हुई रोशनी दिखाई दी और सायेद वही से ही वो रोने की अबाज आरहा था।मैं अब उस रोशनी को फॉलो करके उसकी और चलने लगा लेकिन जब मैं उस रोशनी के कैरीब पोहोंचा त देख कर पूरी तरहा आस्चर्य हो गया केयूनी वो रोशनी कही और से नही बल्कि एक चुली से आरहा था लेकिन मैंने बहा पे जो सब देखा पूरी तरहा हैरान हो गया ।एक औरत मुझे से पीछे करके बैठी हुई थी और उसकी पेर उसी चुली की आग में जल रही थी और एक कढ़ाई थी चुली के ऊपर और वो औरत एक बचे को एक धार छुरी से काट ने लगी थी वही बचा रो रहा था और उसकी अबाज पूरे जंगल मे गूंज रहाथा।मैन यह सब देख ही रहा था कि वो औरत मूडकर मुझे देखी और जोर जोर से हँसने लगी यह सब देख कर में एक ही सांस से वँहा से दौड़ ने लगा वो एक जोर से चिल्ला कर मेरे पीछे दौड़ने लगी।उसकी चिलाना सच में बोहोत डरावना था मैंने दौड़ ते दौड़ते जब पीछे मुड़ कर देखा वो डरावनी औरत मेरे पीछे पीछे दौड़ रही थी और हवा पे ही उसकी पेर था।मैं कुछ नही सोच पारहा थी में क्या करूँगा वो डरावनी औरत मेरे पीछे ही थी और बार बार चिल्ला रही थी।उसकी वो दरवानी चिल्लाने की आवाज़ को मेरे कान बर्दास्त नही कर पारहा था।इस तरह माने अपनी जान को बचाने के लिए दौड़ते दौड़ते एक घर के अंदर घुस गया केउनकी उस घर की दरवाज़ा खुला हुआ था।उसके बाद जब मैंने पीछे मुड़ के देखा त मेरी पीछे कोई नही था,पता नही वो औरत कन्हा चली गई अभी भी मुझे डर लग रहा था कि वो औरत मेरे पीछे तो नही है।यह सारी बात सोच ते सोचते मेरे सर घूम ने लगा और मैं वही पे बेहोस हो कर गिरपडा।किसी की आवाज़ से मेरी आँख खुली जब मैंने उठकर देखा तो मेरे सामने कोई पुजारी थे और कुछ लोक खड़े हुए थे। पुजारी जी ने कहा-क्या हुआ आप मंदिर मे उस तरह बेहोस हो पड़े थे।मैं कल रात की सारी बात उन्हे बतादी ।उन पिजरी ने थोड़ी मुस्कारते हुए कहे कि -तुम्हारी भाग्य बोहोत अच्छा है कि तुम उस डायन से बच पाए।और सही वक्त पे यंहा सिब जिकी मंदिर मे आकर पोहोंचा गए ।नही तो वो डायन तुम्है भी मार देता।
मेने कहा-डायन,,,,?मैं कुछ समझ नही पा रहा था।इसलिए उन पुजारी ने समझा ते हुए कहा की इस जंगल की अंदर बोहोत बड़ा कब्रिस्तान है एक दिन एक महिला ने अपनी परिबार और गरीबी की दवाब में आकर उस कब्रिस्तान के एक पेड़ के पास अपनी छोटे बच्चे और खुद को राशि मे लटका कर आत्म हत्या की थी।जिसकी बेजे से वो डायन बन गयी और उसी कब्रिस्तान की एक पेड़ के पास वो डायन रहती है रात को वँहा पे कोई नही जाता।अगर कोई वँहा पोहोच जाए तो वो उसको जान से मारदेता है।इसलोये वँहा रात को कोई नही जाता यंहा तक कि आज तक भी उसी जंगल मे उस डायन की हँसने की या फेर उसकी बचे की रोने की आवाज़ सुनाई देता है।
मेरा भाग्य अच्छा था इसलिए मैं उस डायन की चंगुड से बच पाया और आज यह सब बात आपको बता रहा हु।अगर मेरी बात आपको अच्छा लगा त please
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यह मेरी पहली पोस्ट है अगर आपको इस तरहा की और भी true आई रोमांचक अध्भुत बातो को जान ने की इच्छा है तो आप मुझे follow जरूर कीजिये friends ।
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