झूठें पुरुषार्थ के बीच, स्त्रियाँ सच कहतें वक्त सबको........priyasinghd (51)in #poem • 4 years ago झूठें पुरुषार्थ के बीच, स्त्रियाँ सच कहतें वक्त सबको प्रिय नही लगतीं!