'मैं नही समझ पा रहा इन आखों को तलाश किसकी है, पर जब .........priyasinghd (51)in #poem • 4 years ago 'मैं नही समझ पा रहा इन आखों को तलाश किसकी है, पर जब भी तुझे देखता हूं तो मंजिल पाने का एहसास होता है|