सड़कों पर जय भोले की गूंज, मंदिरों में तैयारियां पूरी
महानगर के प्रमुख मार्गों पर भोले की जयकार और घुंघरुओं की रुन-झुन लगातार गुंजायमान हो रही है। मौका महाशिवरात्रि का जो है। इस बार यह त्योहार दो दिन यानि 13 और 14 फरवरी को मनाया जा रहा है। इसे लेकर प्रमुख मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
महानगर के प्रमुख मंदिरों में रंगाई पुताई का काम लगभग पूर्ण है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अब बैरीकेडिंग का काम किया जा रहा है ताकि मंदिर में महिला पुरुषों को अलग-अलग प्रवेश कराया जा सके। मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। साथ ही पुलिस कर्मियों की तैनाती के लिए अधिकारियों को भी पत्र भेजे गए हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के हाथों स्थापित हुए खेरेश्वर महादेव पर शिवरात्रि पर जलाभिषेक का अपना अलग महत्व है। यही कारण है कि सबसे ज्यादा भक्त यहीं पर जलाभिषेक करते हैं। श्री खेरेश्वर महादेव व दाऊजी महाराज मंदिर समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने बताया कि कहा कि भगवान शिव का जलाभिषेक 13 फरवरी की भोर से 14 की मध्य रात्रि तक जारी रहेगा। जबकि 14 फरवरी को महाशिव रात्रि होने के कारण महिला पुरुष शिव भक्तों को अलग-अलग लाइनों में प्रवेश कराया जाएगा। कांवड़ियों के प्रवेश के लिए अलग से द्वार बनाया जाएगा। मंदिर की व्यवस्था में पुलिस प्रशासन सहयोग करेगा। वहीं मंदिर समिति के सेवादार भी व्यवस्था संभालेंगे। वाहनों से आने वाले भक्तों को अपने वाहन पार्किंग में खड़े करने होंगे, कांच, प्लास्टिक के बर्तन व पालीथिन मंदिर में लाने पर प्रतिबंध रहेगा।
अचलेश्वर महादेव मंदिर में भी सफाई एवं पुताई का काम पूर्ण हो चुका है। यहां करीब आधा दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही महिलाओं-पुरुषों के प्रवेश के लिए अलग-अलग बैरीकेडिंग लगाई गई है। यहां भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। जयगंज स्थित श्री मंगलेश्वर महादेव मंदिर में पिछले 10 दिनों से चल रहा रंगाई पुताई का काम पूर्ण हो चुका है। मंदिर में आने वाले कांवड़ियों की सुविधा के लिए खाने-पीने की सामग्री की कमी नहीं होने दी जाएगी। यहां 14 फरवरी की रात 12 बजे से मंदिर में जलाभिषेक होगा। मंदिर परिसर में शोभायात्रा शाम चार बजे से निकाली जाएगी। अंकित वार्ष्णेय ने बताया कि शोभायात्रा में मंगलेश्वर मंदिर, राज राजेश्वर नाथ का डोला, गौरांग कुटीर, तथा नागेश्वर महादेव का डोला भी होगा।
सात सेक्टरों में बंटा महानगर
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच महादेव का जलाभिषेक कराया जाएगा। इसके लिए पूरे महानगर को सात सेक्टरों में बांटा गया है। मंदिरों पर पुलिस की तैनाती के साथ ड्रोन कैमरे से भी असामाजिक तत्वों पर नजर रहेगी। महानगर के सभी थानों के फोर्स के साथ पीएससी एवं सीमा सुरक्षा बल के जवान भी सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे। 26 फरवरी को कासगंज में दो समुदाय के बीच हुए बवाल और एक हत्या के बाद पुलिस शिवरात्रि पर किसी तरह का जोखिम उठाना नहीं चाहती है। इसी का नतीजा है कि महानगर के प्रमुख मंदिरों पर पुलिस की देखरेख में महादेव का अभिषेक होगा। इसके साथ ही महानगर से गुजरने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए भी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि महानगर के 26 थानों का फोर्स, एक कंपनी पीएसी तथा एक कंपनी सीमा सुरक्षा बल को सुरक्षा में लगाया जाएगा। इसके साथ ही पूरे शहर में सात सेक्टरों में बांटा गया है। खेरेश्वर एवं अचलेश्वर पर भीड़ का दबाव अधिक होने के चलते यहां ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। किसी भी कीमत पर शहर की शांत फिंजा को बिगड़ने नहीं किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं पर कोई गड़बड़ी दिखे तो बिना किसी दबाव के तो संदिग्ध को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दें।
जख्म लेकर जा रहे कांवड़िये
शिवरात्रि में तीन दिन शेष रह गए हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन को रामघाट रोड के गड्ढों को भरने की जरूरत महसूस नहीं हुई है। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के आगमन से पूर्व प्रशासन गड्ढों को भरने काम शुरू किया और कुछेक गड्ढों को भरकर इतिश्री कर ली। इसके बाद काम रुक गया। वर्तमान में उखड़ी सड़क और कंकड़ियां कांवड़ियों को जख्म दे रहे हैं। सोमवार से कांवड़ियों के जत्थे निकलना शुरू हो जाएंगे। ऐसे में अब गड्ढों का भरना भी संभव नहीं है। पिछले साल भी प्रशासन का कुछ इसी तरह का रुख था, इस साल भी बाहर जाने वाले कांवड़ियों को जख्म देकर अलीगढ़ से विदा करेगी।
अंधेरे से ठोकर व अपराधियों का खतरा
हरदुआगंज से लेकर क्वार्सी तक खराब सड़क पर अंधेरा भी है। पिछले साल कई कांवड़िये अंधेरा होने के कारण ठोकर खाकर गिर गए थे। इस साल भी अभी तक रामघाट रोड पर लगी स्ट्रीट लाइट नहीं ठीक हुईं हैं। इसके चलते कांवड़ियों को अंधेरे में ही गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में उनके साथ आपराधिक वारदातें होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।