भारत का पहला स्मार्ट और ग्रीन हाइवे, जानिए क्या है इसकी खासियत और अहमीयत
विदेशों की बहुत-सी कंट्री को वहां की ऊंची इमारतें, अमेजिंग पुल, साफ-सफाई और बिल्डिंग के कारण स्मार्ट सिटी कहा जाता है। मगर स्मार्ट सिटी बनने में अब भारत भी किसी देश से पीछे नहीं है। भारत में बहुत से ऐसे शहर हैं, जिनकी गिनती स्मार्ट सिटी में की जाती है लेकिन आज हम आपको भारत के सबसे स्मार्ट और ग्रीन हाइवे के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि बनकर तैयार है। आइए जानते है इस ग्रीन पुल के बारे में कुछ खास बातें।
भारत के इस पहले स्मार्ट और ग्रीन हाइवें को ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए बनाया गया है। इस पुल को बनाने के लिए 11, 000 करोड़ रुपए तक खर्चा किया गया है। भारत के राजधानी में बना इस ग्रीन हाइवे में 5 लाख टन सीमेंट और एक लाख टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। इस सड़क में ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और वीडयो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) जैसी सुविधा मौजू
इस हाइवें में ट्रैवलर्स की सेफ्टी के लिए ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, पेवमेंट मैनेजमेंट सिस्टम एंड फायबर ऑप्टिक नेटवर्क का भी इंतजाम किया गया है। इसके अलावा यह देश का पहला ऐसा हाइवे है, जिसमें 8 सोलर पावर प्लांट लगें होंगे। 135 कि.मी लंबी इस सड़क पर खूबसूरत लाइटिंग सिस्टम, दोनों तरफ 2.5 साइकिल ट्रैक और 1.5 मी, के फुटपाथ की व्यवस्था भी की गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अप्रैल को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे।भारत
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