कल्पना हो या जीवन निर्थक नहीं जाना चाहिए सार्थक है तो सुधार ही होगा ।

खुश रहना है वो जिंदगी जिओ जो तुम्हारी वास्तविक है अगर लोगों को खुश और अच्छा दिखाने के लिए जीवन जिएंगे तो सारी जिंदगी खुशी का एहसास ढूंढने में निकल जाएगी खुशी की परछाई भी नसीब में नहीं आयेगी।
अफवाहें अस्त्र शस्त्र से ज्यादा विनाश