सुंदर विचार
नमस्कार दोस्तों मैं यहां अपनी ब्लाग पर सुंदर विचारों के साथ
आज दुनिया में सौ मे से अस्सी प्रतिशत फसाद उलझन अवसाद संबंध विच्छेद की जड़ मोबाइल है।
हाथ में मोबाइल की सुविधा तो आई लेकिन संग में वो कहीं न कहीं मानसिक शांति छीन ले गयी।
पहले इंटरनेट युग नहीं था लेकिन समस्या बड़ा रूप ले इससे पहले लोग सुलझा लेते थे।
इंटरनेट एक जरुरतों से उपर आदत और लत बनकर जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रहा है।
लत से ही अवसाद, चिंता, डर, चिड़चिड़ापन रोजमर्रा के कामों के प्रति गैरजिम्मेदाराना रवैया बढ़ती जा रही है।
मनुष्य अब नहीं संभला तो फिर कभी भी नहीं संभल सकता।
इंटरनेट का सीमित इस्तेमाल करना भी सीखना होगा जरूरत के मुताबिक सुविधाएं इस्तेमाल करें दुविधाओं के जंजाल से बच जाएंगे।