
लुका-छिपी के खेल का मजा तब आता है जब बता कर दोनों पक्ष शुरू करें तब मजा नहीं आता जब अपराध कर छिप जाओ निरपराध बनने का दिखावा करें और दूसरे को अपराधी महसूस कराएं दूसरा जब सफाई देने मान मनौव्वल छोड़ तिरस्कार कर निकल जाए तो खेल खेल नहीं दण्ड बनकर रह जाएगा।