'यूँ उनका मेरे शहर से चले जाना ही ठीक था; यूँ हमारा तमाशा बनाना कहाँ...........rekhepal (45)in #sayri • 4 years ago 'यूँ उनका मेरे शहर से चले जाना ही ठीक था; यूँ हमारा तमाशा बनाना कहाँ तक ठीक था! कहाँ तक कहते कोई तालुक नही अब उनसे.; पर उस वक़्त कोई सुनने को राज़ी नहीं था...