प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

in #bitcoin9 years ago

कम से कम पानी में अधिक फ़सल का उत्पादन करने के लिये सूक्ष्म सिंचाई महत्वपूर्ण भाग है। पानी की हर एक बूंद का उपयोग कर उसका उपयोग खेती के लिये करने का प्रयास हो रहा है। उसी का एक भाग है प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (प्रत्येक बूंद पर अधिक फ़सल) के अंतर्गत किसानों से आवेदन प्राप्त करने के लिये ई-ड्रिप आज्ञावली (E-thibak) 1 मई 2017 से शुरू की गई है। इस आज्ञावली के द्वारा 31 दिसंबर 2017 तक आवेदन किया जा सकता है।

प्रत्‍येक किसान के खेत के लिये पानी उपलब्‍ध कराना तथा पानी की कार्यक्षमता बढ़ाकर उसकी हर एक बूंद से अधिक से अधिक फ़सल उत्‍पादन प्राप्त करना यही इस योजना का उद्देश्य है।

केंद्र व राज्‍य भाग की आर्थिक सहायता का अनुपात 60:40 निश्चित किया गया है।

अनुदान सीमा

सन 2017-18 के लिये अनुदान की सीमा लघु एवं सीमांत किसानों के लिये 55 प्रतिशत तथा अन्य किसानों के लिए 45 प्रतिशत है। योजना के कार्यान्वयन में कुछ चरण कम कर दिये गये हैं।सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र लगाने के लिये किसानों के ऑनलाईन पंजीकरण करने और किसानों के आवेदन को स्वीकृत करने के लिये ई-ड्रिपआज्ञावली 1 मई 2017 से शुरू की गई है और आवेदन 31 दिसम्बर 2017 तक स्वीकार किये जा सकेंगे।

लाभार्थियों के पंजीकरण के लिये यूजर आई व पासवर्ड दिये जाएंगे। इसके लिए लाभार्थियों का आधार क्रमांक ही यूजर आई होगा। किसानों से आवेदन केवल ई-ड्रिपआज्ञावली में ऑनलाईन प्रणाली से ही स्‍वीकारे जायेंगे। लाभार्थियों द्वारा ऑनलाईन आवेदन करने के बाद स्‍वचालित कंप्यूटर प्रणाली के द्वारा किसानों को उपलब्‍ध अनुदान की सीमा में ऑनलाईन अनुदान दिया जाएगा। लाभार्थी को योजना में शामिल होने के लिए पंजीकरण करने के बाद से लेकर प्रत्‍यक्ष सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र लगाए जाने तक और अनुदान की मांग करने के बाद आवश्यक छानबीन कर अनुदान की राशि उसके बैंक खाते में जमा करने तक प्रत्‍येक चरण की कार्यवाही के बारे में एसएमएस से सूचना दी जाएगी।

पूर्वमान्यता प्राप्‍त होने के बाद लाभधारक को उसकी पसन्द के उत्‍पादक से उसके प्राधिकृत किये वितरक/ विक्रेता से 30 दिन के अन्दर सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र लगवाना आवश्यक है। लाभार्थी को सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र लगवाने के बाद इन्‍व्‍हाईस ऑनलाईन प्रणाली में अभिलिखित करना है, और आवश्‍यक दस्तावेज़ों के साथ विस्तृत प्रस्‍ताव तहसील कृषि अधिकारी को जमा करवाना है।

अनुदान प्रस्‍ताव के साथ आवश्‍यक दस्तावेज़

  1. किसान के स्वामित्त्व अधिकारा का 7/12 व 8 अ अवतरण, इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रान्स्फर (ईएफटी) प्रणाली की सुविधा समाविष्ट राष्‍ट्रीय, शेड्यूल्‍ड, अथवा सहकारी बैंक में खाता खोला होने का प्रमाण।

  2. किसान के आधार कार्ड की जिरॉक्‍स प्रति, उत्‍पादक कंपनी/ कंपनी प्रतिनिधी द्वारा ग्राफ पेपर पर स्‍केल के साथ तैयार की गई सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र की रूपरेखा, सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र के आधिकारिक वितरक द्वारा हस्ताक्षरित (सभी करों सहित) बिल।

  3. किसान के द्वारा चुनी गई उत्‍पादक कंपनी अथवा कंपनी प्राधिकृत प्रतिनिधि से किया गया अनुबन्धपत्र भी प्रस्‍ताव के साथ जमा करना आवश्यक है।

  4. लाभधारक ने यदि पूर्वमान्‍यता मिलने के 30 दिन के अन्दर सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र नहीं लगाया, तो उसकी पूर्वमान्यता अपने आप रद्द हो जाती है। लेकिन वह वापस आवेदन कर सकता है। तहसील कृषि अधिकारी, मंडल अधिकारी, कृषि अधिकारियों के माध्यम से प्राप्त प्रस्ताव के दस्तावेज़ों की जांच पड़ता करेगा।

  5. तहसील कृषि अधिकारी कृषि पर्यवेक्षकों के माध्यम से उस कृषि पर्यवेक्षक के कार्यक्षेत्र में लगाए गये सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र की 10 दिन के भीतर स्थान निरीक्षण कर निरीक्षण की रिपोर्ट कंप्यूटर प्रणाली में दर्ज करेगा। उसके बाद अनुदान की परिगणना कर तहसील कृषि अधिकारी लाभधारक को देय अनुदान की राशि ऑनलाईन पद्धति से सीधे लाभार्थियों के आधार संलग्‍न बैंक खाते में जमा कर देगा।

  6. पूर्व मान्यता प्राप्त किये बिना किसान ने यदि सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र लगाया है और अनुदान के लिए प्रस्‍ताव जमा किया है, तो ऐसे किसानों को अनुदान नहीं मिलेगा।

  7. सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र लगाने के लिये प्रति लाभार्थी 5 हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा तक लाभ दिया जा सकता है।

  8. सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र की आयु सीमा 7 वर्ष की गई है। इस कारण अब जिस लाभधारक ने 5 हेक्टेयर सीमा में सूक्ष्‍म सिंचाई का लाभ लिया हो, तो ऐसा लाभधारक 7 वर्षों के बाद पुनः सूक्ष्‍म सिंचाई योजना का लाभ ले सकता है।

  9. सूक्ष्‍म सिंचाई सयंत्र की निश्चित की गई आयु सीमा समाप्त होने से पहले लाभधारक सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र की बिक्री नहीं कर सकता। सूक्ष्‍म सिंचाई संयंत्र की निश्चित की गई आयु सीमा समाप्त होने से पहले संयंत्र की बिक्री करने पर ऐसे लाभधारक के विरुद्ध लागू अधिनियम के अनुसार कार्यवाही की जाएगी और सं‍बंधित लाभधारक को भविष्‍य में सरकार की किसी भी योजना के अंतर्गत सरकारी सहायता नहीं मिलेगी। ऐसे लाभधारक का नाम काली सूची में डाल दिया जाएगा।

  10. इसलिए, जो किसान इस योजना के लाभों का फायदा उठाना

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