अब ज़िक्र ना कर, जाम-ए- मोहब्बत का साक़ी, वो दर्द के .............sunilgehlot (47)in #gajal • 4 years ago अब ज़िक्र ना कर, जाम-ए- मोहब्बत का साक़ी, वो दर्द के मैखाने में, मेरा घर बना गया!