Beautiful thoughts
यदि आप एक बेटे हैं तो आपको अपने माँ बाप के प्रति, आप एक पति हैं तो आपको अपनी पत्नी के प्रति, आप एक भाई हैं तो आपको अपने भाई के प्रति, आप एक पत्नी हैं तो आपको अपने पति के प्रति और यदि आप एक बहु हैं तो आपको अपने सास-ससुर के प्रति अपने अधिकारों से भी ज्यादा अपने कर्तव्यों का ज्ञान होना चाहिए।
जिस घर के लोग अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं, उस घर में निश्चित ही स्वर्ग उतर आता है। अपने कर्तव्यों का भान प्रत्येक व्यक्ति को हर स्थिति में होना ही चाहिए, चाहे उसका पद और कद कितना भी बड़ा क्यों ना हो। जिस दिन हमें अधिकारों से पहले अपने कर्तव्यों का बोध हो जाए उसी दिन हमारे द्वारा एक सुखमय एवं आनंदमय जीवन की आधारशिला भी
खिचड़ी को कभी भी शाही पनीर सी अहमियत नहीं मिल सकती चाहे सोने के बर्तन भी क्यों न परोस दिया जाए वस यही फार्मूला जिंदगी का है बनाएं बाल और पूछे गांव का जमा ?
बाल बनाने वाले व्यक्ति को पूरे गांव के लोग आय व्यय का हिसाब रखता हुआ घूमे तो एक न एक दिन लोग उसकी ढंग से मरम्मत कर ही देंगे