मंतर पढ़ कर, फूंक डाला होगा किसी ने... वर्ना जवानी में यूँ, .........salmanfaris115 (51)in #poem • 4 years ago मंतर पढ़ कर, फूंक डाला होगा किसी ने... वर्ना जवानी में यूँ, कोई बर्बाद नहीं होता...'."