एक शे'र
ग़ज़ल का अगला शेर .....
जिससे मिलने को दिल ये दिवाना रहा ।
उसके होठों पे हरदम बहाना रहा ।
राकेश 'नादान'
ग़ज़ल का अगला शेर .....
जिससे मिलने को दिल ये दिवाना रहा ।
उसके होठों पे हरदम बहाना रहा ।
राकेश 'नादान'