Chand sherkamaltyagi (59)in #prameshtyagi • 8 years ago चन्द शेर हमसे सुना न जाएगा इस दास्तान को धरती निगल गई थी कभी आस्मान को माना कि हर लिहाज से विकसित है ये नगर हम तो तरस रहे हैं मगर एक पान को ऊँची इमारतों के सिवा अब जगह कहाँ अच्छा है अब भुला ही दें आँगन को लान को #hindi #sher