Ghazal

in #prameshtyagi8 years ago

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दोस्तो एक ताजा ग़ज़ल

अजब माहौल गरमाया हुआ है
सड़क पर हर कोई आया हुआ है
सभी के हाथ में अखबार क्यूँ है
न जाने आजक्या शाया हुआ है
बहुत मुश्किल उसे है रोक पाना
जिगर पर चोट जो खाया हुआ है
खिलौने तोड़ कपड़े नोच डाले
वो बच्चा है वो जिदयाया हुआ है
हर इक चेहरे पे अनजाना सा डर है
ये कैसा सोग अब छाया हुआ है

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