ताज महल का इतिहास (TAJ MAHAL)

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भारत के आगरा में स्थित ताज महल एक शानदार सफेद संगमरमर का मकबरा है, जिसे मुगल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था, जिनकी मृत्यु उनके 14वें बच्चे को जन्म देते समय हो गई थी। निर्माण 1632 में शुरू हुआ और 1653 के आसपास पूरा हुआ।
ताज महल के ऐतिहासिक विवरण निम्नलिखित हैं:

पृष्ठभूमि:
बादशाह शाहजहाँ अपनी पत्नी मुमताज महल (असली नाम अर्जुमंद बानो बेगम) से प्यार करता था। उनकी मृत्यु के बाद, शाहजहाँ ने उनके प्यार की याद में एक शानदार और सुंदर मकबरा बनाने का फैसला किया।

विकास:
ताज महल का निर्माण 1632 में शुरू हुआ और 1653 के आसपास पूरा हुआ। निर्माण प्रक्रिया में फ़ारसी वास्तुकारों सहित हजारों श्रमिक, राजमिस्त्री, कलाकार और वास्तुकार शामिल थे।

वास्तुकला:
ताज महल मुगल वास्तुकला का एक उदाहरण है जो फारसी, भारतीय और इस्लामी शैलियों को जोड़ता है। इमारत में एक सममित डिजाइन है, जिसमें मुख्य द्वार, उद्यान, मस्जिद और गेस्टहाउस एक केंद्रीय अक्ष के साथ व्यवस्थित हैं।

अर्थ:
ताज महल को शाश्वत प्रेम और मुगल वास्तुकला की सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। यह इमारत यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है।

रोचक तथ्य:
एक किंवदंती है जो कहती है कि शाहजहाँ ने श्रमिकों और वास्तुकारों के हाथ काट देने का आदेश दिया ताकि वे इसके समान या अधिक सुंदर कुछ भी न बना सकें।

ताज महल यमुना नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है।

ताज महल एक मकबरा है, मस्जिद नहीं।

ताज महल दुनिया के नए 7 अजूबों में से एक है

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