Please god stop creating human
मै ना तो व्यक्ति विरोधी हूँ ना ही मै भक्त विरोधी हूँ ना ही मैं धर्म विरोधी हूं ना ही मै जाति विरोधी हूँ .ना ही मै समाज विरोधी हूँ ना ही मै राष्ट्र विरोधी हूँ ..क्योंकि ये सब बाते आज के परिदृश्य में मूल्यहीन हैं....मै सर्वप्रथम एक इंसान हूँ....इसलिये मै हर उस कृत्य ,हर उस व्यक्ति ,उस समाज ,उस जाति ,उस धर्म और राष्ट्र का विरोधी हूँ जो इंसानियत को शर्मसार करे....कहने में बहुत आसान है कि जीना दुष्वार हो गया है लेकिन यह नहीँ सोचते हैं कि इसको दूभर बनाया किसने है ....आज मानवता इतनी गिर गई है कि मनुष्य सबसे बड़ा नरभक्षी है....कभी सोचा है कि क्या होगा इस समाज का....कहाँ जा रहे हम....क्या हम पृथ्वी के वही जीव हैं जिसको ईश्वर ने बड़ी फुरसत से बनाया है क्या हम कभी अपनी आने वाली पीढियों के लिये मिशाल बन पायेंगे....बहुत दुख होता है जब टीवी,समाचार पत्र को पहले ही दृश्य में मातम में डूबे समाचार देखने को मिलते है....आज मानवीय मूल्यों का इतना ह्रास हो गया है कि हर रिश्ता व्यापर से युक्त हो गया.....आज दोस्ती,रिश्तेदारी सभी में लाभ हानि की गणित चलती है....अब समाज में करने के लिये कुछ नहीँ है क्योंकि किया वहाँ जाता है जहाँ सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे ...किसी जाति या धर्म की हत्या नहीं होती हैन....हत्या होती है इन्सान की हत्या होती है इंसानियत की...मन द्रवित और कुंठित है....कि हे ईश्वर अब इंसान मत बनाना जो छल,कपट,धूर्तता और घृणा से युक्त हैं.....ये जीव धरती को सबसे ज्यादा दूषित कर रहा है।
Beautiful photo
Thanks a lot
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STOPकलयुग इसी का नाम है मेरे भाई, यहां ना कोई किसी का भाई, यहां ना कोई किसी की बहन। यहां सब रिश्ते नाते बेमानी से हो गए हैं।
आप जैसे सजग लोग ही फिर से एक नई शुरुआत कर सकते हैं, मानव को मानव बनाने में।